भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन की सास की प्रधानी जाएगी. साथ ही उनसे करीब 8.68 लाख रुपये की वसूली भी की जाएगी. मोहम्मद शमी की बहन शबीना और जीजा समेत परिवार के कई लोगों को मनरेगा मजदूर बनाए जाने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है. इसी के साथ लापरवाही बरतने पर तीन पंचायत सचिव और एक एपीओ सहित 8 अधिकारी और कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया है.

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की बहन शबीना की सास गुले आयशा अमरोहा के जोया ब्लाक के पलोला गांव की ग्राम प्रधान है. गुले आयशा ने ग्राम प्रधान रहते हुए अपने परिवार के अधिकतर सदस्यों को मनरेगा मजदूर दिखाकर लाखों रुपये फर्जी तरीके से बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए और बाद में सभी पैसो को निकाल लिया. ग्राम प्रधान गुले आइसा ने परिवार के जिन सदस्यों को मनरेगा मजदूर दिखाकर लाखों रुपये बैंक खातों में ट्रांसफर किए थे, उन मनरेगा मजदूरों में मोहम्मद शमी की बहन शबीना और जीजा गजनवी भी शामिल हैं.

डीएम ने कराई थी जांच

मनरेगा मजदूरी में ग्राम प्रधान के परिवार का नाम सामने आने के बाद अमरोहा की डीएम निधी गुप्ता ने एक जांच कमेटी गठित कर जांच कराई. इस जांच में सामने आया है कि ग्राम प्रधान गुले आयशा ने परिवार के सदस्यों को मनरेगा मजदूर दिखाकर लाखों रुपये का फर्जिबाड़ा किया है. जिसके बाद जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने तत्कालीन तीन पंचायत सचिव उमा, अंजुम और पृथ्वी और एपीओ ब्रजभान सिंह समेत आठ अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है.

DM ने दिए FIR के आदेश

साथ ही तत्कालीन बीडीओ प्रतिभा अग्रवाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है. वहीं, पंचायत सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है. जिलाधिकारी ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी आदेश दिए हैं. इसी के साथ अब मोहम्मद शमी की बहन शबीना की सास गुले आयशा आयशाको अपनी प्रधानी भी गंवानी पड़ेगी.